

सत्यम इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिकोत्सव ‘स्पर्धा–2025’ का भव्य आयोजन, विज्ञान प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुति ने बांधा समां
जमानियाँ कस्बा बाजार स्थित सत्यम इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को वार्षिकोत्सव ‘स्पर्धा–2025’ का आयोजन बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ किया गया। इस अवसर पर आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी, मेला और मेगा मैजिक शो ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी। बच्चों द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक मॉडल, रोबोटिक्स, पर्यावरण संरक्षण, गणित और भौतिकी से जुड़े नवाचारों ने उपस्थित जनसमूह को प्रभावित किया। वहीं रंग-बिरंगे मंच पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पटना (पालीगंज) के सीजेएम रवि पांडेय और एल–वन कोचिंग, वाराणसी के डायरेक्टर वृजेश सिंह ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर की। विद्यालय प्रबंध समिति ने सम्मान स्वरूप अतिथियों को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र प्रदान किया। विज्ञान प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण के संरक्षण, हरित ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी, परिवहन तकनीक, खेल विज्ञान और जैव विविधता जैसे विषयों पर तैयार किए गए मॉडल प्रस्तुत किए। अभिभावकों और अतिथियों ने बच्चों से उनके मॉडल के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की और उनकी रचनात्मकता की सराहना की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने नृत्य, नाटक, कव्वाली, ओडिया सांग और शिव तांडव की आकर्षक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में अंशिका मौर्या ने आंखों पर पट्टी बांधकर दर्शकों द्वारा लिखे गए वाक्यों को पढ़कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। बच्चों ने

मोबाइल फोन के दुष्प्रभावों पर जागरूकता भी फैलाई और विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाकर दर्शकों का ज्ञानवर्धन किया। मुख्य अतिथि सीजेएम रवि पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी न केवल बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जिज्ञासा पैदा करती है, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने और उनका समाधान खोजने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी प्रभावी होती है जब उसे बच्चों की मानसिकता और जिज्ञासा के अनुरूप प्रदान किया जाए। डायरेक्टर वृजेश सिंह ने कहा कि संघर्ष और अनुभव से ही व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंचता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक रहें और उन्हें मोबाइल और अन्य व्यसनों से दूर रखें। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी रुचि और सपनों के अनुसार शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए, ताकि उनकी प्रतिभा निखर सके। प्रधानाचार्या एल.डी. जेना ने कहा कि बच्चों के नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण में शिक्षक और अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

वार्षिकोत्सव जैसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, प्रतिभा और सामाजिक संस्कारों को बढ़ाते हैं। कार्यक्रम का संचालन स्वयं विद्यालय के बच्चों ने किया, जिसकी सभी ने प्रशंसा की। कार्यक्रम में ज्ञान प्रकाश मौर्या, रमाशंकर राजभर, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संतोष कुशवाहा, यूबीआई प्रबंधक कृति श्रीवास्तव, धनंजय कुशवाहा, आकाश यादव, सुनील कुमार, दीपक वर्मा, प्रदीप सिंह, अजय मौर्या, रविन्द्र सिंह, उपेन्द्र सिंह कुशवाहा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। विद्यालय के प्रबंधक सत्यप्रकाश मौर्या ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिभा ही विद्यालय की वास्तविक संपत्ति है और ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे।



